Wednesday, 4 November 2026
श्री अहोई अष्टमी पर्व  संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना का पावन पर्व

श्री अहोई अष्टमी पर्व संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना का पावन पर्व

🪔 संपादकीय

श्री अहोई अष्टमी पर्व

संतान की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना का पावन पर्व

रमेश महेन्द्रू  - मुख्य संपादक 

भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा में त्योहारों का विशेष महत्व है। प्रत्येक पर्व अपने साथ धार्मिक आस्था, सामाजिक सद्भाव और पारिवारिक मूल्यों का संदेश लेकर आता है। इन्हीं पावन पर्वों में श्री अहोई अष्टमी का विशेष स्थान है। यह पर्व मां और संतान के बीच अटूट प्रेम, त्याग, समर्पण तथा ममता का प्रतीक है।

अहोई अष्टमी के दिन माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अहोई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। अनेक महिलाएं दिनभर व्रत रखकर संध्या के समय तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा की विधियों और परंपराओं में कुछ अंतर भी देखने को मिलता है।

यह पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें परिवार के प्रति अपने दायित्वों का बोध भी कराता है। मां का प्रेम निस्वार्थ होता है। वह अपनी संतान के बेहतर भविष्य के लिए जीवनभर संघर्ष करती है और हर परिस्थिति में उसके सुख की कामना करती है। अहोई अष्टमी इसी मातृभावना और ममता को सम्मान देने का अवसर है।

आज के बदलते सामाजिक परिवेश में अहोई अष्टमी का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए धार्मिक संस्कारों के साथ-साथ अच्छी शिक्षा, नैतिक मूल्यों, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उचित मार्गदर्शन की भी आवश्यकता है। माता-पिता का दायित्व केवल संतान की सफलता की कामना करना ही नहीं, बल्कि उसे एक जिम्मेदार, संवेदनशील और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है।

इस पावन अवसर पर हमें बेटियों और बेटों के प्रति समान प्रेम, सम्मान तथा अवसर सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए। संतान का वास्तविक सुख तभी संभव है, जब उसे सुरक्षित वातावरण, उचित शिक्षा, अच्छे संस्कार और अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले।

अहोई अष्टमी हमें विश्वास, धैर्य, त्याग और पारिवारिक एकता की प्रेरणा देती है। आइए, इस पावन पर्व पर हम मां की ममता को नमन करें और परिवार में प्रेम, सम्मान तथा सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लें।

ईश्वर से प्रार्थना है कि अहोई माता की कृपा सभी परिवारों पर बनी रहे तथा प्रत्येक संतान का जीवन सुख, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार और सफलता से परिपूर्ण हो।

अहोई माता की जय!

सभी माताओं एवं परिवारों को श्री अहोई माता पर्व की हार्दिक शुभकामनाए 

 

Published on: 01 Nov 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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