संपादकीय
आयुर्वेद अमृत
एक नई पहल, एक नया संकल्प
हर घर तक पहुँचे आयुर्वेद का अमृत रस
भारतीय प्राचीन चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुँचाने का एक छोटा-सा प्रयास
स्वस्थ शरीर, प्रसन्न मन और खुशहाल जीवन हर व्यक्ति की पहली आवश्यकता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां मनुष्य अनेक प्रकार की बीमारियों, तनाव और अनियमित दिनचर्या से जूझ रहा है, वहीं हमारी भारतीय प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद स्वस्थ जीवन जीने का एक महत्वपूर्ण मार्ग दिखाती है। आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन जीने की कला भी है।
आयुर्वेद हमारे शरीर के लिए किसी अमृत वरदान से कम नहीं है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति में उपलब्ध जड़ी-बूटियों, पेड़-पौधों, फलों, मसालों और घरेलू औषधीय पदार्थों के गुणों को पहचानकर उनका उपयोग स्वास्थ्य की देखभाल के लिए किया। हैरानी की बात है कि जिन औषधीय वस्तुओं का महत्व हमारी रसोई और घरों में सदियों से रहा है, आज उन्हीं पर दुनिया भर में शोध हो रहा है। भारतीय पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक औषधियों की उपयोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। कई पारंपरिक औषधीय पौधों और उनके उपयोगों को लेकर पेटेंट तथा बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
हमारी रसोई ही औषधीय गुणों का खजाना है
हमारे घरों की रसोई में हल्दी, अदरक, सोंठ, लहसुन, अजवाइन, जीरा, मेथी, लौंग, दालचीनी, काली मिर्च और अनेक ऐसी चीजें मौजूद रहती हैं, जिनका पारंपरिक रूप से स्वास्थ्य संबंधी उपयोग होता आया है। इसी प्रकार आंवला, तुलसी, नीम, गिलोय और अन्य औषधीय पौधों का भारतीय जीवनशैली में विशेष स्थान रहा है।
लेकिन जानकारी के अभाव में हम इन प्राकृतिक पदार्थों के गुणों, सही उपयोग, सेवन की मात्रा और उनसे जुड़ी सावधानियों को नहीं जान पाते। कई बार गलत तरीके से सेवन करना भी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि हमें इनकी सही जानकारी मिले और हम पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी समझें।
BIG BOSS INDIA TODAY
एक नई पहल – आयुर्वेद अमृत
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए
बिग बॉस इण्डिया टूडे - हिन्दी न्यूज चैनल
के संपादकीय विभाग ने एक नई पहल शुरू करने का संकल्प लिया है।
अब प्रत्येक बुधवार
'आयुर्वेद अमृत'
के माध्यम से को हमारे विशेष साप्ताहिक कॉलम 'पाठकों और दर्शकों को एक नई जड़ी-बूटी, औषधीय पदार्थ अथवा प्राकृतिक स्वास्थ्य संबंधी विषय की जानकारी दी जाएगी।
इस विशेष कॉलम में आपको निम्नलिखित विषयों पर उपयोगी जानकारी मिलेगी—
जड़ी-बूटी का परिचय: उसकी पहचान, उत्पत्ति और पारंपरिक महत्व।
औषधीय गुण: उसमें मौजूद प्रमुख गुणों और वैज्ञानिक शोध की जानकारी।
स्वास्थ्य संबंधी उपयोग: पारंपरिक चिकित्सा में उसका उपयोग और संभावित लाभ।
सेवन की विधि: कितनी मात्रा, कब और किस प्रकार सेवन किया जाता है।
मौसम के अनुसार उपयोग: बदलते मौसम में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सावधानियां एवं दुष्प्रभाव: किन लोगों को सेवन से बचना चाहिए और क्या सावधानियां जरूरी हैं।
विशेषज्ञों की राय: योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सकों के मार्गदर्शन से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी।
हमारा मिशन – स्वस्थ भारत, प्रसन्न भारत
हमारा उद्देश्य किसी बीमारी का स्वयं उपचार करने के लिए प्रेरित करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग भी सही जानकारी और योग्य चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति, उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति अलग होती है। इसलिए घरेलू नुस्खों को गंभीर बीमारियों के इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
हम चाहते हैं कि भारतीय प्राचीन औषधीय चिकित्सा पद्धति का ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित न रहे, बल्कि देश के प्रत्येक घर और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। नई पीढ़ी भी अपनी प्राकृतिक विरासत को पहचाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बने।
हमारा संकल्प है कि आयुर्वेद के अमृत रस की गंगा घर-घर बहे।
आइए, प्रकृति से जुड़ें, अपनी पारंपरिक विरासत को पहचानें और स्वस्थ जीवन की ओर एक नई पहल करें।
हर बुधवार – एक नई जड़ी-बूटी, एक नई जानकारी।
आयुर्वेद अपनाएं… स्वस्थ जीवन पाएं।
स्वस्थ भारत | प्रसन्न भारत
रमेश महेन्द्रू - मुख्य संपादक