Thursday, 1 October 2026
स्वैच्छिक रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है, जो अनमोल जीवन बचाने में सहायक हो सकता है -डा॰ विज

स्वैच्छिक रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है, जो अनमोल जीवन बचाने में सहायक हो सकता है -डा॰ विज

डीएवीआईईटी ने राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित कर सेवा भावना का दिया संदेश

स्वैच्छिक रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है, जो अनमोल जीवन बचाने में सहायक हो सकता है -डा॰ विज

जालन्धर  - रमेश महेन्द्रू 

डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, रेड रिबन क्लब और यूथ रेड क्रॉस क्लब द्वारा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी तथा नॉलेज विला इंटीग्रेटेड एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से किया गया।

 शिविर में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा लगभग 50 लोगों ने रक्तदान किया। शिविर में लगभग 150 विद्यार्थियों की उपस्थिति ने सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

शिविर का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों को मानवीय कार्यों में योगदान देने के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

इस पहल के अंतर्गत केवीआईईडबलयूएस ब्लड बैंक, अमृतसर द्वारा निःशुल्क हीमोग्लोबिन जांच अभियान भी चलाया गया, जिसके माध्यम से शिविर में आने वाले लोगों को अपने हीमोग्लोबिन स्तर की जांच करवाने का अवसर मिला। रक्तदान करने के इच्छुक सभी व्यक्तियों की रक्तदान के लिए उपयुक्तता सुनिश्चित करने हेतु प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई।

इस शिविर का विशेष महत्व रहा, क्योंकि इसने विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सहानुभूति और सामुदायिक सेवा की भावना विकसित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया। स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करते हुए इस पहल ने मानवीय कार्यों और समाज के कल्याण में व्यक्तिगत योगदान के महत्व को रेखांकित किया।

शिविर में प्राध्यापकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए रक्तदान किया। डीएवीआईईटी के निदेशक-सह-प्राचार्य डॉ. संदीप विज, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक श्री बलजीत सिंह तथा एमबीए विभाग की प्राध्यापिका सुश्री सिमरनजोत कौर ने रक्तदान कर विद्यार्थियों और संस्थान के समस्त समुदाय के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. संदीप विज ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है, जो अनमोल जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सार्थक सामुदायिक सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके शैक्षणिक संस्थान उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व और करुणा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे स्वैच्छिक रक्तदान को समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अभिन्न अंग बनाएं। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के समारोह को सार्थक बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के समर्पण, टीम भावना और प्रतिबद्धता की सराहना की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिविर के सफल संचालन में बहुमूल्य सहयोग प्रदान करने के लिए  केवीआईईडबलयूएस ब्लड बैंक की टीम की भी प्रशंसा की। स्वयं रक्तदान करके उन्होंने यह संदेश दिया कि मानवीय कार्यों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से उदाहरण प्रस्तुत करना तथा संस्थान के समुदाय को प्रेरित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं एप्लाइड साइंसेज विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने शिविर के सुचारू संचालन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के समर्पण और सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को समाज की सेवा करने के सार्थक अवसर प्रदान करती हैं तथा उनमें सहानुभूति और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए चिकित्सा दल, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और सहायक कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को भविष्य में भी समाज कल्याण की गतिविधियों में निरंतर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जालंधर के सचिव डॉ. सुरजीत लाल सहोता तथा  ब्लड बैंक, अमृतसर के अध्यक्ष श्री विक्रमजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने शैक्षणिक संस्थानों और समाज कल्याण के लिए प्रतिबद्ध संगठनों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर उपस्थित प्राध्यापकों में डॉ. अनिल सोनी, डॉ. गौरव धूरिया, डॉ. जग्रूप सिंह, डॉ. एस. के. उप्पल, डॉ. शिवानी विज और डॉ. एम. के. कौशिक शामिल थे। सभी ने इस पहल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

रक्तदान शिविर का समापन विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ हुआ। इस पहल ने मानवीय मूल्यों, स्वैच्छिक रक्तदान और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के प्रति डीएवीआईईटी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया तथा विद्यार्थियों को सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

Published on: 30 Sep 2026

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Ramesh Mahendru
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