सूडान में भीषण ड्रोन हमला
100 से अधिक लोगों की मौत; 113 घायल
मानवाधिकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
न्याला/खार्तूम (सूडान) - बिग बॉस इण्डिया टूडे
सूडान में जारी गृहयुद्ध के बीच दक्षिण दारफुर क्षेत्र के न्याला शहर में एक व्यस्त बाजार पर हुए भीषण ड्रोन हमले ने भारी तबाही मचाई है। इस हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत और 113 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। हमले के समय बाजार में बड़ी संख्या में आम नागरिक खरीदारी कर रहे थे।
मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला दक्षिण दारफुर की राजधानी न्याला के दुमाया इलाके में स्थित तानकोन बाजार में हुआ। यह क्षेत्र अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के नियंत्रण में बताया जा रहा है।
मानवाधिकार समूह इमरजेंसी लॉयर्स ने इस हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराते हुए घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेना से जुड़े ड्रोन ने उस समय बाजार को निशाना बनाया, जब वहां आम नागरिक मौजूद थे।
दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी निदेशक एडम मूसा ओबामा के अनुसार, हमले में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आरएसएफ से जुड़े तासिस प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अला अल-दीन मुगुद ने बताया कि हमले में 102 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 113 लोग घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद चिकित्सा दलों को घटनास्थल पर भेजा गया और अस्पतालों तथा स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया।
अंतरराष्ट्रीय संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के अनुसार, न्याला स्थित अस्पताल में 36 शव पहुंचाए गए, जबकि आपातकालीन कक्ष में 150 घायलों का उपचार किया गया। अस्पतालों में महिलाओं और बच्चों के हताहत होने की भी जानकारी सामने आई है।
दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन ने 14 लोगों की मौत का दस्तावेजीकरण किए जाने की जानकारी दी है, जिनमें 12 महिलाएं और 6 बच्चे शामिल बताए गए हैं। वहीं, अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने लगभग 120 लोगों के मारे जाने या घायल होने की बात कही है। अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों में अंतर होने के कारण मृतकों की अंतिम संख्या स्पष्ट नहीं है।
सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल आरएसएफ के बीच जारी संघर्ष के कारण आम नागरिकों की जान लगातार खतरे में है। हाल के महीनों में अस्पतालों, स्कूलों, बाजारों और विस्थापित लोगों के शिविरों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने सूडान में जारी संघर्ष को गंभीर मानवीय संकट का कारण बताया है। संघर्ष के चलते लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और बड़ी संख्या में लोगों को भोजन, चिकित्सा सहायता तथा सुरक्षित आश्रय की आवश्यकता है।
न्याला के बाजार पर हुआ यह हमला एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। मानवाधिकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।