ई-वेस्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता के लिए गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी कॉलेज में विशेष सत्र
पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ‘ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग चैंपियन’ बने - डा• नवजोत
जालंधर - नूपुरु महेन्द्रू
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी कॉलेज, लाडोवाली रोड द्वारा पहल एनजीओ के सहयोग से विद्यार्थियों को ई-वेस्ट की जिम्मेदार संभाल, पुनः उपयोग और वैज्ञानिक तरीके से रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष ई-वेस्ट अवेयरनेस एवं रीसाइक्लिंग सत्र आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को ई-वेस्ट के बढ़ते खतरे से अवगत करवाते हुए बताया गया कि मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, चार्जर, ईयरफोन, प्रिंटर, की-बोर्ड, बैटरियां तथा अन्य बिजली एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को उपयोग के बाद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से फेंकना पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को ‘उपयोग कम करें, पुनः उपयोग करें, मरम्मत करके इस्तेमाल करें और रीसाइकिल करें’ के सिद्धांत को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें ई-वेस्ट को सामान्य घरेलू कचरे से अलग रखने, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को जलाने या बिना सुरक्षा प्रबंधों के खोलने से बचने तथा ई-वेस्ट का निपटारा केवल जिम्मेदार और अधिकृत रीसाइक्लिंग चैनलों के माध्यम से करने के लिए कहा गया।
इस मुहिम के तहत विद्यार्थियों को अपने घरों में पड़े पुराने, खराब या अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को जिम्मेदार रीसाइक्लिंग के लिए लाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। ई-वेस्ट जमा करवाने वाले विद्यार्थियों को रीसाइक्लिंग प्रमाण-पत्र, जबकि जागरूकता सत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों को पहल एनजीओ की ओर से प्रशंसा-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कॉलेज की ओ.एस.डी. प्रो. (डॉ.) नवजोत कौर ने पहल एनजीओ द्वारा पर्यावरण संरक्षण और ई-वेस्ट प्रबंधन संबंधी चलाई जा रही जागरूकता मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, इसलिए उनकी जिम्मेदार संभाल भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल ई-वेस्ट को रीसाइकिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने परिवारों और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ‘ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग चैंपियन’ बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी जिम्मेदार पहल भी बड़े पर्यावरणीय बदलाव का आधार बन सकती है। ई-वेस्ट की उचित संभाल से प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ मूल्यवान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने में योगदान दिया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने ई-वेस्ट की उचित संभाल और रीसाइक्लिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए इस मुहिम को अपने परिवारों और समुदाय तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।