प्रो॰ कुलवंत सिंह संधू और डॉ. इकबाल कौर ने विश्वविद्यालय कॉलेज को अपनी निजी लाइब्रेरी से पंजाबी पुस्तकें दान कीं
जालंधर - एस एन एन
पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रो. कुलवंत सिंह संधू और डॉ. इकबाल कौर ने अपनी निजी लाइब्रेरी से पंजाबी की बहुमूल्य पुस्तकें गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी कॉलेज, लाडोवाली रोड की लाइब्रेरी के लिए दान कीं। कॉलेज की ओर से इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज की ओएसडी प्रो. (डॉ.) नवजोत कौर ने प्रो. कुलवंत सिंह संधू और डॉ. इकबाल कौर संधू, पूर्व प्रमुख पंजाबी विभाग, केएमवी, का धन्यवाद करते हुए कहा कि निजी संग्रह से पुस्तकों को विद्यार्थियों और पाठकों के लिए उपलब्ध करवाना ज्ञान की साझेदारी को और मजबूत करने वाली सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत ही नहीं होतीं, बल्कि ये हमारी भाषा, विरासत और सांस्कृतिक चेतना को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।
ओएसडी डॉ. नवजोत कौर ने कहा कि कॉलेज की लाइब्रेरी में पंजाबी साहित्य से संबंधित ऐसे मूल्यवान संग्रह का शामिल होना विद्यार्थियों को पंजाबी साहित्य से और अधिक गहराई से जोड़ने में सहायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज की ओर से ज्ञान, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी ऐसी पहल को हमेशा प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रो. कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि, “पुस्तकें अलमारियों में बंद रहने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ी जाने और नई पीढ़ी के विचारों को रोशन करने के लिए होती हैं। अपनी निजी लाइब्रेरी की पुस्तकें विद्यार्थियों तक पहुंचाना हमारे लिए खुशी की बात है। हमारा प्रयास है कि पंजाबी साहित्य की बहुमूल्य रचनाएं अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचें और उनमें पढ़ने की रुचि और अधिक प्रबल हो।”
डॉ. इकबाल कौर ने भी कहा कि अपनी पुस्तकों को विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध करवाने से इन पुस्तकों की सार्थकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी इन पुस्तकों का लाभ उठाकर पंजाबी भाषा और साहित्य के साथ अपना रिश्ता और मजबूत करेंगे।
कॉलेज प्रशासन की ओर से दोनों शख्सियतों का धन्यवाद करते हुए कहा गया कि ऐसे सहयोग से न केवल लाइब्रेरी का पुस्तक संग्रह समृद्ध होता है, बल्कि विद्यार्थियों में पढ़ने, शोध और साहित्यिक चेतना को भी प्रोत्साहन मिलता है।
इस अवसर पर पंजाबी विभाग के डॉ. लखवीर सिंह, लाइब्रेरी की इंचार्ज मैडम सविता और डॉ. सोनिया कुंद्रा भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।