प्रो. (डॉ.) बलजीत कौर ने जीएनडीयू कॉलेज के पंजाबी विभाग को लगभग 50 शोध प्रबंध भेंट किए
पंजाबी भाषा, साहित्य और अकादमिक शोध के लिए मूल्यवान संसाधन: प्रो. (डॉ.) नवजोत
जालन्धर। एस एन एन
शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, रीजनल कैंपस, लाडेवाली रोड की पूर्व डीन प्रो. (डॉ.) बलजीत कौर ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय कॉलेज, लाडोवाली रोड के पंजाबी विभाग को लगभग 50 एम.फिल. (पंजाबी) और पीएच.डी. के शोध प्रबंध भेंट किए। ये सभी शोध प्रबंध उनके कुशल मार्गदर्शन में पूरे किए गए थे। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को पंजाबी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति से संबंधित विभिन्न विषयों पर किए गए शोध कार्यों तक पहुंच उपलब्ध करवाना है, ताकि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और शोध कार्यों को और अधिक प्रभावी बना सकें।
इस अवसर पर कॉलेज की ओएसडी प्रो. (डॉ.) नवजोत ने प्रो. (डॉ.) बलजीत कौर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के बीच ज्ञान और शोध संसाधनों को साझा करना वर्तमान समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शोध प्रबंध केवल किसी विशेष विषय से संबंधित जानकारी के स्रोत नहीं होते, बल्कि ये विद्यार्थियों को नए विचारों से परिचित करवाने, विषयों का गहन अध्ययन करने और शोध के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायता करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी भाषा और साहित्य का क्षेत्र बहुत व्यापक है तथा इसमें नए शोध की अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। उपयुक्त शोध सामग्री, शैक्षणिक मार्गदर्शन और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिलने से विद्यार्थी इस क्षेत्र में सार्थक योगदान दे सकते हैं। उन्होंने इस पहल को ज्ञान के आदान-प्रदान, शैक्षणिक सहयोग और पंजाबी भाषा में किए गए शोध कार्यों के व्यापक प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
इस अवसर पर पंजाबी विभाग के प्रभारी डॉ. लखवीर सिंह ने भी प्रो. (डॉ.) बलजीत कौर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग को प्राप्त ये शोध प्रबंध विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। इन शोध प्रबंधों के अध्ययन से विद्यार्थी पंजाबी साहित्य के विभिन्न पहलुओं, शोध पद्धतियों और अकादमिक लेखन की बारीकियों को समझ सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ये संसाधन विद्यार्थियों के चुने हुए शोध विषयों से संबंधित ज्ञान को व्यापक बनाने और उनके शैक्षणिक प्रयासों को नई दिशा देने में भी सहायक होंगे।
डॉ. लखवीर सिंह ने आगे कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इस शोध सामग्री को विद्यार्थियों और शोधार्थियों के अध्ययन एवं शोध कार्यों के लिए उपयोगी और सुलभ बनाया जाए। प्रो. (डॉ.) बलजीत कौर के इस बहुमूल्य योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करती हैं और युवा पीढ़ी को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।