पंजाब विधानसभा के आखिरी दिन हंगामा
कांग्रेसी विधायकों को सदन में प्रवेश ना देने पर विवाद
चंडीगढ़– बी बी आई टी न्यूज
पंजाब विधानसभा के आखिरी दिन हंगामा हो गया। पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों को सदन में प्रवेश नहीं करने देने के आरोप पर विवाद हो गया। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि उसके विधायकों को सेशन में शामिल होने से रोका जा रहा है। इस पर स्पीकर ने विधानसभा सचिव को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
स्पीकर ने बसपा विधायक नछत्तर पाल से भी पूछा कि क्या उन्हें सदन के अंदर आने से रोका गया है। इस पर नछत्तर पाल ने जवाब दिया कि वह समय के पाबंद हैं। इसके बाद स्पीकर ने स्पष्ट किया कि किसी भी माननीय सदस्य को सदन में आने से नहीं रोका जाएगा, बशर्ते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न हुई हो। कांग्रेस के विधायक गलों में काले पटके पहनकर आ रहे थे। इन विधायकों में सुखपाल सिंह खैहरा भी शामिल थे। हालांकि वह भी उनके साथ थे।
आप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विधानसभा में करतारपुर कॉरिडोर के मामले पर चर्चा होनी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार न तो खुद सवाल उठाती है और न ही विपक्ष को सवाल लगाने देती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि मुख्यमंत्री की आंखों में आंखें डालकर सदन के अंदर आकर बात करें।
इस दौरान कुल 5 सरकारी प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इनमें यमुना के पानी में पंजाब का हिस्सा, तीन हेडवर्क्स का नियंत्रण, डैम सेफ्टी एक्ट रद्द करना, राजस्थान से पानी की कीमत वसूलना और पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का मुद्दा शामिल है।
सेशन की शुरूआत प्रश्नकाल से होगी। इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्ताव होगा। डेराबस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा बाकरपुर-ईसापुर-सताबगढ़ मार्ग पर कॉजवे के तत्काल निर्माण का मुद्दा उठाएंगे। मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला खियाला कलां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की जरूरत की ओर स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान दिलाएंगे। बठिंडा के विधायक जगरूप सिंह गिल तीन सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत का मुद्दा उठाएंगे।
कार्यसूची के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके अलावा 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास एवं वित्त निगम की बैलेंस शीट और लाभ-हानि का लेखा-जोखा भी पेश किया जाएगा।
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई। पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही करीब 9 मिनट में स्थगित कर दी गई। 23 अक्टूबर को सदन में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा होगी।
सरकार की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सदन ने पारित कर दिया। प्रस्ताव में मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई। 24 और 25 अक्टूबर को शनिवार-रविवार तथा 26 अक्टूबर को अवकाश होने के कारण सदन की बैठक नहीं हुई। जिसके बाद आज सेशन हुआ।