पंजाब विधानसभा चुनाव 2027
पंजाब में ईडी,सीबीआई के बाद एनआईए ने दी दस्तक
पंजाब में वर्ष 2021 के दौरान टिफिन बम और अन्य विस्फोटक सामग्री से जुड़े मामलों की जांच का मामला
जालन्धर - रमेश महेन्द्रू
पंजाब के जालंधर में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीम ने गढ़ा इलाके के न्यू हरदयाल नगर में दो घरों पर पहुंचकर जांच की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने संबंधित लोगों को 2021 के एक मामले में नोटिस दिए। सूत्रों के मुताबिक टीम करीब तीन घंटे तक इलाके में रही और तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज भी बरामद किए बताए गए है।
जबकि बरामद दस्तावेजों और उनसे जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। थाना नंबर-7 की पुलिस के अनुसार एनआईए की टीम इलाके के दो घरों में पहुंची थी। पुलिस ने बताया कि मामला केंद्रीय जांच एजेंसी से संबंधित होने के कारण इस बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई।
एसीपी रैंक के एक अधिकारी केअनुसार टीम पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे से जुड़े मामले में नोटिस देने आई थी। आपको बता दें कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक है। इससे पहले सीबीआई और ईडी लगातार छापेमारी कर रही है। अब एनआईए की इंट्री हो गई है।
सूत्रों के अनुसार एनआईए की कार्रवाई पंजाब में वर्ष 2021 के दौरान सामने आए टिफिन बम और अन्य विस्फोटक सामग्री से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में हुई। उस समय जालंधर समेत पंजाब के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के मामलों की जांच की गई थी।
अमृतसर-जालंधर जीटी रोड पर गांव हंबोवाल के अंडरपास के पास भी करीब पांच साल पहले बम मिलने का मामला सामने आया था। इन घटनाओं से जुड़े मामलों में केंद्रीय एजेंसियां जांच करती रही हैं।
हालांकि, न्यू हरदयाल नगर में हुई कार्रवाई के संबंध में एनआईए की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गौर हो कि न्यू हरदयाल नगर में पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे के परिवार से संबंधित आवास भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगस्त 2021 में इसी इलाके में टिफिन बम और ग्रेनेड मिलने के मामले को लेकर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी।
पुलिस के अनुसार, उस समय लखबीर सिंह रोडे के बेटे गुरमुख सिंह से टिफिन बम और ग्रेनेड बरामद होने की बात सामने आई थी। जांच में विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति और पंजाब में संभावित आतंकी गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की गई थी।
फिलहाल इस कार्रवाई को 2021 के मामले में चल रही जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है। जांच एजेंसी की ओर से आगे कोई आधिकारिक जानकारी जारी होने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय पुलिस ने भी जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया।