जालंधर कैंट में आप का अंदरूनी कलह उजागर
थियाड़ा ने दिल्ली नेतृत्व को कटहरे में किया खड़ा
हलका इंचार्ज पद से हटाए जाने पर रो पड़ीं थियाड़ा
14 साल पार्टी की सेवा करने का क्या सिला मिला
जालन्धर - एस एन एन
पंजाब में आम आदमी पार्टी के संगठन में बदलाव के बाद जालंधर कैंट की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हलका इंचार्ज पद से हटाए जाने के बाद राजविंदर कौर थियाड़ा की एक प्रैस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी उजागर हो गई। रिकॉर्डिंग में थियाड़ा दिल्ली नेतृत्व पर दर्द व गुस्सा बयां करती हुई दिखाई दी जबकि बातचीत के दौरान वह भावुक हो गईं और रो पड़ीं।
राजविंदर कौर थियाड़ा ने पार्टी के लिए अपने 14 साल के योगदान का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर उन्हें किस आधार पर जिम्मेदारी से हटाया गया। उन्होंने पार्टी हाईकमान पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने सर्वे का हवाला देकर उन्हें पद से हटाया है।
राजविंदर कौर थियाड़ा ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक आम आदमी पार्टी के लिए काम किया और जालंधर कैंट में पार्टी का आधार मजबूत करने के लिए दिन-रात मेहनत की। उनके कार्यकर्ता देर रात तक पार्टी के लिए काम करते रहे। उन्होंने पंजाब के अलावा गुजरात में भी कई महीने रहकर पार्टी के प्रचार में योगदान दिया।
थियाड़ा ने कहा कि उन्होंने पार्टी को प्राथमिकता देते हुए अपने परिवार को भी पर्याप्त समय नहीं दिया। उन्होंने भावुक होकर बताया कि पार्टी के काम में व्यस्त रहने के कारण वह कैंसर से जूझ रही अपनी बहन से मिलने तक नहीं जा सकीं। उनके पिता भी अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनसे मिलने के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन वह उनसे मिल नहीं पाईं। बाद में उनके पिता का निधन हो गया।
राजविंदर कौर थियाड़ा ने जालंधर कैंट में दीपक बाली को दी गई जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण इलाकों में कई लोग दीपक बाली को जानते तक नहीं हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि अब उन्हें साथ लेकर काम नहीं करना है, तो दीपक बाली की टीम से ही काम करवा लिया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि बाद में पार्टी में शामिल हुए नेताओं को अधिक तवज्जो दी जा रही है। उनका कहना है कि 2012 से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
राजविंदर कौर थियाड़ा ने दिल्ली से आए प्रतिनिधियों पर अपने समर्थक सरपंचों और वालंटियर्स को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, कुछ कार्यकर्ताओं को ग्रांट रोकने और जांच करवाने की धमकियां दिए जाने की बात सामने आई है।
थियाड़ा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके समर्थकों को परेशान करना बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी हैं और उनके साथ किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना अभी बाकी है।