गैंगस्टर समझ कर दी फायरिंग
एक की मौत ,दो घायल अस्पताल में भर्ती
तरनतारन । बी बी आई टी न्यूज
तरनतारन में गैंगस्टरों की धमकियों से डरे एक आढ़ती और ट्रांसपोर्टर ने पीछे आ रही गाड़ी में सवार लोगों को शूटर समझकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से 3 लोग घायल हो गए।
जबकि एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई और दो को गंभीर हालत में भीखीविंड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान मनजीत सिंह कट्टा के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, मनजीत सिंह कट्टा अपनी पत्नी के साथ घरियाला मंदिर में माथा टेककर कार से खेमकरण लौट रहा था। मेहंदीपुर गांव के चौराहे के पास उसके पीछे एक अन्य गाड़ी आ रही थी।
कट्टा को शक हुआ कि गाड़ी में गैंगस्टर के शूटर हैं। इसके बाद उसने रेलवे गेट के पास पीछे आ रही गाड़ी पर फायरिंग कर दी। घटना करीब 12 से 1 बजे के बीच हुई। गोली लगने से गाड़ी में सवार तीन लोग घायल हो गए।
फायरिंग में गुरसेवक सिंह , हरकीरत सिंह और साजन सिंह घायल हुए। तीनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गुरसेवक सिंह ने दम तोड़ दिया। गुरसेवक तरनतारन के गांव आसल का रहने वाला था। हरकीरत और साजन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग जमा हो गए।
मनजीत सिंह कट्टा आढ़ती होने के साथ ट्रांसपोर्ट का काम भी करता है। उसके मुताबिक, उसे पिछले कई दिनों से गैंगस्टरों की ओर से धमकियां मिल रही थीं। इसी वजह से उसकी सुरक्षा के लिए एक पुलिस कांस्टेबल भी तैनात किया गया था। उसने अपनी सुरक्षा के लिए निजी बाउंसर भी रखे हुए थे।
घटना के बाद मनजीत सिंह कट्टा ने कहा कि धमकियां देने वाले लोग जबरन वसूली में शामिल हैं और उसे अपनी सुरक्षा का डर था। हालांकि, पुलिस के अनुसार, कट्टा को सुरक्षा के लिए पुलिस कांस्टेबल भी मिला हुआ था।
तरनतारन के एसपी सुखनिंदर सिंह ने कहा कि इस घटना का किसी गैंगस्टर ग्रुप से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस हथियार से फायरिंग की गई, उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया।
एसएसपी सुरिंदर लांबा ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी पर गोली चलाना गंभीर अपराध है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। डीएसपी अतुल सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है।