डीएवीआईईटी के विद्यार्थियों ने हैकाथॉन में जीता पुरस्कार, विकसित किया शेयरमेश
जालन्धर। एस एन एन
डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीएवीआईईटी), जालंधर के विद्यार्थियों ने एक प्रतिष्ठित 30 घंटे की हैकाथॉन में ₹ 11000 का पुरस्कार जीतकर संस्थान का नाम रोशन किया है। जालंधर में आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की 150 से अधिक टीमों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। डीएवीआईईटी की टीम ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट शेयरमेश के माध्यम से निर्णायक मंडल का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता में कोडिंग, हार्डवेयर प्रोटोटाइपिंग और विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के समक्ष प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने की चुनौतियां शामिल थीं। आयोजन की कुल पुरस्कार राशि एक लाख रुपये से अधिक थी।
शेयरमेश एक अभिनव डिस्ट्रिब्यूटेड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है, जो डेस्कटॉप कंप्यूटरों और स्थानीय सर्वरों की निष्क्रिय कंप्यूटिंग क्षमता को एक साझा संसाधन में परिवर्तित करता है। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग (एआई/एमएल) मॉडल ट्रेनिंग, डेटा प्रोसेसिंग, ऑटोमेटेड टेस्टिंग और सिमुलेशन जैसे जटिल कार्य किए जा सकते हैं। डॉकर कंटेनरों की सहायता से यह उपलब्ध कंप्यूटरों के बीच कार्यों को बुद्धिमत्तापूर्वक वितरित करता है। इससे मौजूदा हार्डवेयर का बेहतर उपयोग होता है तथा महंगे क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करने की संभावना बढ़ती है।
वर्तमान तकनीकी युग में, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कंप्यूटिंग क्षमता की मांग बढ़ रही है, शेयरमेश उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग का एक प्रभावी विकल्प प्रस्तुत करता है। यह नवाचार परिचालन लागत कम करने और कंप्यूटिंग दक्षता बढ़ाने की क्षमता रखता है। यह उपलब्धि डीएवीआईईटी में व्यावहारिक अनुसंधान, नवाचार और उद्योगोन्मुख शिक्षा को दिए जा रहे महत्व को भी दर्शाती है।
परियोजना विकसित करने वाले विद्यार्थियों गुरसिमरजोत सिंह (टीम लीडर) – बी.टेक. सीएसई, पाँचवाँ सेमेस्टर; राजबीर सिंह – बी.टेक. सीएसई (एआई एवं एमएल), पहला सेमेस्टर; चेतन – बी.टेक. सीएसई (एआई एवं एमएल), पाँचवाँ सेमेस्टर; तथा रोहित – बीसीए, पाँचवाँ सेमेस्टर ने बताया कि शेयरमेश की परिकल्पना संगठनों में उपलब्ध कंप्यूटिंग संसाधनों की अप्रयुक्त क्षमता का उपयोग करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनेक निष्क्रिय कंप्यूटर मिलकर एक साझा कंप्यूटिंग नेटवर्क के रूप में कार्य कर सकते हैं। विद्यार्थियों के अनुसार, हैकाथॉन ने उन्हें कोडिंग, परीक्षण, टीमवर्क और निर्धारित समय में समस्या-समाधान का महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किया। उन्होंने नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए डीएवीआईईटी के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. संदीप विज, डायरेक्टर-कम-प्रिंसिपल, डीएवीआईईटी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की नवाचार, तकनीकी उत्कृष्टता और उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए तैयार करना भी है। शेयरमेश की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना उपलब्ध संसाधनों की अप्रयुक्त क्षमता को उपयोगी कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलने की अभिनव सोच को प्रदर्शित करती है। उन्होंने जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के बीच संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा लागत कम करने वाले समाधान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आगे कहा कि हैकाथॉन विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का परीक्षण करने, सामूहिक रूप से कार्य करने और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की सराहना करते हुए परियोजना को और विकसित करने तथा इसके औद्योगिक अनुप्रयोगों की संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दोहराया कि डीएवीआईईटी अनुसंधान, प्रयोग और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों के विचारों को सार्थक तकनीकी समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. हरप्रीत बजाज, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि शेयरमेश डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम, कंटेनराइजेशन और बुद्धिमत्तापूर्ण वर्कलोड शेड्यूलिंग के व्यावहारिक उपयोग का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने तथा तकनीकी और समस्या-समाधान संबंधी दक्षताएं विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं।