Friday, 6 November 2026
आप के 3 विधायकों की भाजपा में शामिल होने से अकाली सीटों पर फंस गया पेंच

आप के 3 विधायकों की भाजपा में शामिल होने से अकाली सीटों पर फंस गया पेंच

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027

भाजपा - अकाली दल गठबंधन के बिगड़े समीकरण 

आप के 3 विधायकों की भाजपा में शामिल होने से अकाली सीटों पर फंस गया पेंच

नई दिल्ली । बिग बॉस इण्डिया टूडे न्यूज 

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन गए हैं। कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा के बीजेपी में आने से अमृतसर नॉर्थ, सनौर और समाना सीटों पर शिअद-बीजेपी गठबंधन की संभावनाओं और सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाने का भी सिलसिला शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है। कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौरामाजरा बीजेपी में शामिल हो गए है। तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद एक बार फिर से शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर पेच फंस गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से शिअद के साथ गठबंधन का रास्ता मुश्किल हो गया है। माना जा रहा है कि इन तीनों विधायकों को बीजेपी उसी सीट से प्रत्याशी बना सकती है, जिस पर वे फिलहाल जीते हुए है। 

इन तीनों विधायकों का अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक आधार है। हालांकि विधासनभा चुनाव से पहले शिअद और बीजेपी के गठबंधन की एक बार फिर से अटकलें लगाई जा रही है। लेकिन माना जा रहा है कि सीटों के पेच फंस रहा है। हालांकि दोनों ही पार्टियों के नेताओं का कहना है कि गठबंधन का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान लेगा। 

तीनों नेताओं में से कुंवर विजय प्रताप का मामला सबसे दिलचस्प बताया जा रहा है। दरअसल, विजय प्रताप सिंह लंबे समय तक अकाली दल के सबसे मुखर आलोचकों में से एक रहे हैं। उन्होंने बेअदबी की घटनाओं के बाद पुलिस कार्रवाई और जांच को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल समेत अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर लगातार सवाल उठाए थे।

विधानसभा चुनाव 2022 में उन्होंने अमृतसर नॉर्थ सीट से अकाली दल के अनिल जोशी को हराया था। हालांकि बाद में जोशी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। अब कुंवर विजय प्रताप के भाजपा में आने से इस सीट पर नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना है। साथ ही, अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन में यह सीट किसके हिस्से जाएगी, यह भी बड़ा सवाल बन गया है।

इसके अलावा हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह के बीजेपी में शामिल होने के बाद सनौर और समाना विधानसभा सीट पर भी दोनों दलों के बीच पेच फंस गया है। दोनों नेता इन सीटों से मौजूदा विधायक हैं। 

वहीं शिरोमणि अकाली दल ने पहले ही समाना सीट से जगमीत हरियाऊ को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इसके अलावा अकटलें लगाई जा रही है कि सनौर सीट को चंदूमाजरा परिवार के लिए छोड़ दिया है। 

हालांकि, प्रेम सिंह चंदूमाजरा इस समय अकाली दल-पुनर सुरजीत गुट के साथ हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की ओर से दिए गए एकता के आह्वान का समर्थन किया था। 

बता दें कि विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन को लेकर अटकलें लगाई जा रही है। लेकिन बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रदेश की 117 विधानसभा सीटों पर पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी। 

हालांकि आप नेताओं के बीजेपी में शामिल होने पर एक नेता ने कहा कि किसी नेता के पार्टी में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि उसे विधानसभा चुनाव का टिकट भी मिल जाएगा। पार्टी में चुनाव लड़ने के अलावा भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं।

 

Published on: 06 Nov 2026

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Ramesh Mahendru
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