Sunday, 20 September 2026
पंजाब नशामुक्त यात्रा को लेकर राजनितिक पार्टियों के बीच सियासी घमासान

पंजाब नशामुक्त यात्रा को लेकर राजनितिक पार्टियों के बीच सियासी घमासान

पंजाब नशामुक्त यात्रा को लेकर राजनितिक पार्टियों के बीच सियासी घमासान

आम आदमी पार्टी,किसान मोर्चों सहित सिक्ख संगठन कर रहे हैं कई स्थानों पर नशामुक्त पंजाब यात्रा का विरोध 

संपादकीय 

रमेश महेन्द्रू 

मुख्य संपादक 

बिग बॉस इण्डिया टूडे

भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंजाब को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पंजाब नशामुक्त यात्रा’ को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। भाजपा की ओर से यात्रा के दौरान " भाजपा का नारा - पंजाब नशामुक्त सारा” का नारा दिया जा रहा है। यात्रा फिलहाल अपने तीसरे पड़ाव पर पहुंच चुकी है।

भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आज 20 सितम्बर को फाजिल्का में पंजाब नशामुक्त यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने वाले हैं।

इस बीच यात्रा को लेकर पंजाब के विभिन्न हिस्सों में विरोध के मामले भी सामने आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के साथ-साथ किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा सहित कुछ किसान व सिक्ख संगठनों द्वारा भी भाजपा की इस यात्रा का विरोध किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी की ओर से भाजपा की नशामुक्त यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा जा रहा है कि पंजाब में नशे की समस्या पुरानी है और भाजपा-अकाली दल सरकार के कार्यकाल के दौरान भी यह समस्या मौजूद थी। आप नेताओं का आरोप है कि अब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नशामुक्त यात्रा के माध्यम से राजनीतिक अभियान चला रही है। पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। जबकि भाजपा पंजाब में जो पंजाब के सकरात्मक मुद्दे हैं उनसे जनता का ध्यान भटकाना चाह रहे है।

वहीं भाजपा का कहना है कि पंजाब को नशामुक्त बनाना एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है और पार्टी इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में यात्रा निकाल रही है।

पंजाब नशामुक्त यात्रा के दौरान भाजपा नेताओं के विरोध की घटनाएं भी चर्चा में रही हैं। भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर बटाला के समीप कथित तौर पर अंडे, टमाटर और पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई थी। बिट्टू पठानकोट में नशामुक्त यात्रा में शामिल होने जा रहे थे। घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद रहे राघव चड्ढा तथा संदीप पाठक के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ भी राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई हैं।

दूसरी ओर, पंजाब की भगवंत मान सरकार पहले से ही नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करती रही है। सरकार की ओर से नशे की रोकथाम, नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तथा नशा पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर विभिन्न कदम उठाए जाने की बात कही जाती है।

ऐसे में पंजाब में नशे के मुद्दे पर भाजपा की नशामुक्त यात्रा और राज्य सरकार की नशे के खिलाफ मुहिम के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होने की संभावना है।

Published on: 20 Sep 2026

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Ramesh Mahendru
editor@bigbossindiatoday.com
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