मासूम बेटी के साथ हैवानियत व दर्दनाक हत्या के बाद इंसाफ के लिए दर दर की ठोकरे खा रही है मां
शीतल अंगुराल ने कहा कि पंजाब सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम, परिवार को इंसाफ मिले नहीं तो महेन्द्र भगत के घर पर धरना
जालन्धर - रमेश महेन्द्रू
बस्तियात क्षेत्र में मासूम बच्ची के साथ हैवानियत के बाद उसकी दर्दनाक हत्या के मामले को करीब एक साल बीत चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ की आस लगाए हुए है। परिवार का आरोप है कि सरकार की ओर से मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और मृतक बच्ची की मां को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक दोनों वादे पूरे नहीं हुए।
जालंधर में आज पूर्व विधायक और भाजपा नेता शीतल अंगुराल के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए बच्ची की मां ने कहा कि बेटी को खोने का दर्द हर दिन उनके सामने है। घटना के बाद उन्हें उम्मीद थी कि आरोपी को जल्द सजा मिलेगी और परिवार को सरकार की ओर से किए गए वादों के मुताबिक सहायता मिलेगी। पीड़ित परिवार के मुताबिक, बच्ची की हत्या के बाद सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया था कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाई जाएगी, ताकि परिवार को जल्द इंसाफ मिल सके।
परिवार का आरोप है कि अभी तक मामले में प्रभावी पैरवी नहीं हुई है। परिवार लगातार मांग कर रहा है कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए और दोषी को कानून के मुताबिक सख्त सजा मिले। मृतक बच्ची की मां ने सरकार से अपने वादे पूरे करने और मामले में जल्द इंसाफ दिलाने की अपील की है।
मासूम बेटी को खोने के बाद मां अब न्याय के लिए संघर्ष कर रही है। परिवार का कहना है कि वह अपनी बेटी को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन चाहते हैं कि मामले में जल्द फैसला हो और दोषी को सजा मिले, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।अखबार
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक और भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने कहा है कि कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने मृतक बच्ची की मां को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की बात कही थी, लेकिन दोनों वादा पूरा नहीं हो सका।
शीतल अंगुराल ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पांच दिन के बाद वे पीड़ित परिवार के साथ कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के घर के बाहर धरना देंगे। पीड़ित परिवार को जब तक इंसाफ नहीं मिलता तब तक लड़ाई जारी रखेंगे।