केंद्रीय सरकार के कई मंत्रियो कै कामकाज की हौ रही है समीक्षा
अक्तूबर में कई मंत्रियों के बदले जा सकते हैं विभाग, कुछ नयें चेहरों को मिलेगी मंत्रालय में जिम्मेदारी
नई दिल्ली - बी बी आई टी न्यूज
भारतीय जनता पार्टी संगठन और सरकार के लिए अगला महीना गहमागहमी से भरा रह सकता है। केंद्र सरकार में जिस तरह से विभिन्न मंत्रालयों और मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा हो रही है, उसे देखते हुए केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावनाएं बनती दिख रही है। दूसरी तरफ संगठन में भी केंद्रीय संसदीय बोर्ड, केंद्रीय चुनाव समिति, राज्यों के संगठन प्रभारियों व चुनावी वाले राज्यों के लिए चुनाव प्रभारियों व सह प्रभारियों की जल्द नियुक्ति की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तीसरे कार्यकाल का दो साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल नहीं हुआ है। इस बीच कई मंत्रियों के इस्तीफे के बाद मंत्रालय खाली भी हुए हैं। बीते कुछ महीनों से इसे लेकर कवायद भी चल रही है, लेकिन कोई न कोई मामला ऐसा आ जाता है कि इस काम को टाल दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपनी टीम के केंद्रीय और राज्य मंत्रियों के कामकाज की व्यापक समीक्षा भी की है और उनके बारे में संगठन का फीडबैक भी लिया है। ऐसे में फेरबदल की स्थितियां बनती नजर आ रही हैं। दूसरी तरफ भाजपा संगठन की नई टीम बनने के बाद अभी संगठन में कुछ और महत्वपूर्ण समितियों व दायित्वों का फैसला होना बाकी है। इसे लेकर जल्द ही फैसला होने के आसार हैं।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यों के प्रवासों में तेजी आई है। चुनावी राज्यों के लिए गतिविधियां तेज हुई हैं। सूत्रों के अनुसार इस बीच पार्टी नेतृत्व पहले चुनावी राज्यों को लेकर संगठन संबंधी सारे कामों को पूरा कर लेना चाहता है।
सरकार के कई मंत्री अपनी ही राज्य सरकारों के साथ तालमेल नहीं बैठा पा रहे हैं, बल्कि उनके अपने गृह राज्य में कई बार टकराव भी दिखा। संगठन को साथ लेकर चलने में अच्छी स्थिति नहीं है। अभी यह तय नहीं है कि फेरबदल कब हो, लेकिन बदलाव को लेकर समीक्षा का काम किया जा चुका है। फैसला समीक्षा से ज्यादा राजनीतिक स्थितियों पर निर्भर करेगा।