किसान-मजदूरों की जायज मांगों को लेकर संघर्ष और तेज करने का ऐलान
आप मंत्री महेन्द्र भगत के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन
जालंधर - एस एन एन
किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से किसानों एवं मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को तुरंत स्वीकार करने की मांग की है। नेताओं ने कहा कि किसानों को फसलों का C2+50% फार्मूले के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाए तथा सरकारी खरीद की गारंटी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही किसानों और मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग भी की गई। पंजाब के केबिनेट मंत्री महेन्द्र भगत के घर 14 सितम्बर से सरकार विरुद्ध धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।
नेताओं ने कहा कि पंजाब में पानी, हवा, पराली और बाढ़ के संकट का स्थायी समाधान किया जाए। नहरों एवं सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, बाढ़ प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने तथा कृषि क्षेत्र के लिए बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
इसके अलावा किसानों और मजदूरों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने, संघर्ष के दौरान जब्त किया गया सामान वापस करने तथा जमीन के मालिकाना हक की गारंटी देने की मांग भी की गई।
नेताओं ने लैंड पूलिंग नीति वापस लेने, प्रीपेड बिजली मीटर बंद करने और किसान विरोधी नीतियों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकारों ने उनकी मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई तो किसान-मजदूर संघर्ष को और व्यापक एवं तीखा किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेश नेता सलविंदर सिंह जानियां, सतनाम सिंह मडियाल, बलराज सिंह, जगदीशपाल सिंह, राजिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह कोटली गाजरा, शेर सिंह महीवाल और स्वर्ण सिंह बाऊपुर उपस्थित थे।