जगदीश सिंह झिंडा की पंथ को एक झंडे और एक निशान के नीचे एकजुट करने की कोशिश
अमृतसर - एस एन एन
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने पंथ की बढ़ती भावना को बढ़ावा देने और सिख समुदाय को एकजुट करने के मकसद से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से मुलाकात की। इस मौके पर उनके साथ सुखविंदर सिंह मुसाना (लाडवा निर्वाचन क्षेत्र), इंद्रजीत सिंह (पेहोवा निर्वाचन क्षेत्र) और हरमनप्रीत सिंह (फतेहाबाद) भी मौजूद थे।
जगदीश सिंह झिंडा ने बताया कि पंथिक मुद्दों को लेकर डिविजनल कमिश्नर और लद्दाख के गवर्नर को एक ज्ञापन सौंपा गया है और कश्मीर के गवर्नर को भी इसी तरह का ज्ञापन दिया गया है। इसी पहल के तहत श्री अमृतसर साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के साथ पंथ को एकजुट करने पर चर्चा के लिए एक बैठक हुई।
झिंडा ने कहा कि सिख पंथ की एकता उसकी चढ़दी कला के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज भले ही अकाली दल के कई गुट बन गए हैं, लेकिन 1925 के मूल अकाली दल की भावना को याद करने की जरूरत है। उनके अनुसार पंथ को एक झंडे और एक निशान (प्रतीक) के नीचे एकजुट करने की कोशिश की जानी चाहिए।
सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 का जिक्र करते उन्होंने कहा कि यह एक्ट मूल रूप से गुरुद्वारा प्रबंधन को महंतों के नियंत्रण से मुक्त कराने के लिए बनाया गया था, लेकिन तब से हालात बदल गए हैं। देश के बंटवारे के बाद पंजाब का एक हिस्सा पाकिस्तान चला गया और अब सिख समुदाय दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बस गया है। इसलिए उन्होंने एक ऐसे ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट को लागू करने की मांग की जो मौजूदा हालात के अनुकूल हो।
झिंडा ने बताया कि सिखों के ऐतिहासिक गुरुद्वारे हजूर साहिब पटना साहिब नागालैंड और देश के अन्य हिस्सों में स्थित हैं। उनके अनुसार ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट लागू होने से नेशनल सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के गठन का रास्ता साफ हो सकता है, जिसमें देश भर के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व शामिल होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों को ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।