इंग्लैंड से लौटने के बाद एक होटल में 70 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर सतनाम सिंह ने की जहरीला पदार्थ खाने से आत्महत्या
प्रापर्टी विवाद से जुड़ा परिवारिक मामला
आत्महत्या करने से पहले बनाई वीडियो
लुधियाना - एस एन एन
इंग्लैंड से लौटने के बाद एक होटल में आत्महत्या करने वाले 70 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर सतनाम सिंह का कथित वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उन्होंने आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किया था।
सतनाम सिंह ने अपने रिश्तेदारों और एक आईआरएस अधिकारी समेत कुछ लोगों पर प्रताड़ित करने, कथित झूठी एफआईआर दर्ज कराने और जमीन-मकान अपने नाम करने का दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि सराभा नगर निवासी सतनाम सिंह ने 21 सितंबर को लुधियाना के होटल इंपीरियल में जहरीला पदार्थ निगल लिया था। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिलने की भी बात सामने आई है। परिवार ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव को एक निजी अस्पताल में रखवाया है। परिवार अब मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है।
सतनाम सिंह ने वीडियो में दावा किया कि उनके चाचा ने उन्हें गोद लिया था। उनके अनुसार, चाचा की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी करीब 31 साल तक उनके साथ रहीं और परिवार ने उनकी देखभाल की। सतनाम सिंह ने दावा किया कि बीमारी के अंतिम समय में चाची ने 43-B मकान की वसीयत उनके नाम कर दी थी।
सतनाम सिंह ने आरोप लगाया कि चाचा की बेटियों और उनसे जुड़े लोगों ने प्रभावशाली आईआरएस अधिकारी की कथित पहुंच का इस्तेमाल करते हुए उनके और वसीयत के गवाहों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज करवाई।
सतनाम सिंह ने वीडियो में आरोप लगाया कि एफआईआर खत्म करवाने के बदले उनसे 5 किले जमीन और 43-B व 44-B मकान अपने नाम करने की मांग की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसा नहीं करने पर उनके दोनों बेटों को भी मामले में नामजद करने की धमकी दी गई। उन्होंने कुछ लोगों पर लगातार ब्लैकमेल और मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया। वीडियो में सतनाम सिंह ने दावा किया कि कथित दबाव के कारण वह कई दिनों से ठीक से सो नहीं पा रहे थे।
परिवार ने न्याय की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर 'Justice for Satnam Singh' नाम से एक पेज बनाया है। परिवार की ओर से साझा की गई पोस्ट में कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई है।
परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक सतनाम सिंह का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मामले में सामने आए वीडियो, सुसाइड नोट और परिवार द्वारा लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत या जांच एजेंसी की पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
पुलिस द्वारा मामले की जांच, सुसाइड नोट, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सतनाम सिंह की मौत के पीछे कथित तौर पर किन परिस्थितियों और घटनाओं की भूमिका थी।