गुरु नानक देव विश्वविद्यालय कॉलेज में एरियल सिनेमैटोग्राफी पर विशेष व्याख्यान
छात्र अपनी रचनात्मक प्रतिभा को नई तकनीक के साथ जोड़कर मीडिया में नए अवसरों को पहचान सके - डा॰ नवजोत
जालन्धर - नूपुर महेन्द्रू
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय कॉलेज, के पत्रकारिता एवं मीडिया विभाग द्वारा विद्यार्थियों को मीडिया के बदलते तकनीकी परिदृश्य से जोड़ने तथा उन्हें व्यावहारिक और उद्योग-उन्मुख ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से “एरियल सिनेमैटोग्राफी और आधुनिक सिनेमा में इसकी बढ़ती भूमिका” विषय पर विशेष गेस्ट लेक्चर आयोजित किया गया। इस अवसर पर ड्रोन तकनीक, एरियल शूटिंग और आधुनिक फिल्म निर्माण में इसके रचनात्मक उपयोग के बारे में विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी दी गई।
इस विशेष व्याख्यान के मुख्य वक्ता सिमरप्रीत सिंह संधू, प्रसिद्ध एरियल सिनेमैटोग्राफर एवं पंजाब के पहले डीजीसीए एम ओ सी ए -लाइसेंस प्राप्त ड्रोन पायलट, थे। उन्होंने अपने पेशेवर अनुभव और इस क्षेत्र में लंबे समय की कार्यप्रणाली के आधार पर विद्यार्थियों को एरियल सिनेमैटोग्राफी की बारीकियों से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक ने फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री फिल्मों, विज्ञापनों और डिजिटल मीडिया में दृश्य प्रस्तुति के पारंपरिक तरीकों को नई दिशा प्रदान की है।
इस दौरान विद्यार्थियों ने एरियल शूटिंग से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं रचनात्मक पहलुओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका सिमरप्रीत सिंह संधू ने व्यावहारिक उदाहरणों सहित जवाब दिया। इंटरैक्टिव सत्र ने विद्यार्थियों को कक्षा के सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर मीडिया उद्योग में इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीकों को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया।
कॉलेज की ओ.एस.डी. प्रो. (डॉ.) नवजोत कौर ने पत्रकारिता एवं मीडिया विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज मीडिया क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि उभरती तकनीकों, उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद और व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों की पेशेवर तैयारी को और मजबूत करते हैं।
प्रो. (डॉ.) नवजोत कौर ने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा शिक्षण वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अपनी रचनात्मक प्रतिभा को नई तकनीक के साथ जोड़कर मीडिया और मनोरंजन उद्योग में पैदा हो रहे नए अवसरों की पहचान कर सकें। उन्होंने विभाग को भविष्य में भी ऐसे उद्योग-उन्मुख, व्यावहारिक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।